सीजेपी आंदोलन : प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े, कई घायल

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के समर्थकों का प्रदर्शन।
नई दिल्ली | दिल्ली पुलिस ने संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठियां भांजीं। मानसून सत्र के पहले दिन हजारों प्रदर्शनकारी संसद भवन की ओर मार्च कर रहे थे। सत्र के पहले दिन के लिए संसद में सभी सांसद जुटे हुए थे।
शिक्षा में सुधार के लिए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) द्वारा आहूत विरोध प्रदर्शन में छात्र संगठनों ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं और कई पेशेवरों ने हिस्सा लिया। उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद और मैनपुरी से समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं।
हालात तब तनावपूर्ण हो गए, जब सुबह करीब 11:15 बजे प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग पुलिस थाने के सामने लगे एक प्रमुख अवरोधक को तोड़ दिया और संसद की ओर बढ़ने लगे, जो जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर है।
सुबह करीब 11:25 बजे, ‘भारत माता की जय‘, ‘वंदे मातरम्’ और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारों के बीच, प्रदर्शनकारियों ने अति सुरक्षा वाले क्षेत्र में एहतियातन लगाए गए कई अवरोधकों को पार करने की कोशिश की, जिससे धक्का-मुक्की जैसी स्थिति पैदा हो गई।
भीड़ में मौजूद उपद्रवियों ने वस्तुएं भी फेंकीं, जिससे पुलिस समेत कई लोग घायल हो गए। कई प्रदर्शनकारी घायल हुए और कई पुलिसकर्मी खून से लथपथ दिखे। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के आदेश पर नई दिल्ली के आस-पास इंटरनेट सेवा भी निलंबित कर दी गई। पुलिस ने दोपहर करीब 1 बजे इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी और किसी भी सभा पर प्रतिबंध लगा दिया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए मध्य दिल्ली में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की भारी तैनाती की गई।
कॉजपा के प्रस्तावित संसद मार्च से पहले लुटियंस इलाके के अहम स्थानों, संवेदनशील जगहों और सरकारी इमारतों पर तैनाती के लिए आसपास के कई जिलों से पुलिस बल बुलाए गए। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी)ने पांच स्टेशन राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ बंद कर दिए। कॉजपा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर मॉनसून सत्र के पहले दिन संसद तक मार्च करने की घोषणा की थी।
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