प. बंगाल पंचायत चुनाव : हिंसा में 12 की मौत, भाजपा व कांग्रेस के निशाने पर तृणमूल
@ सुनो सुनो नेटवर्क |
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए शनिवार को मतदान हुआ। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बड़े पैमाने पर हिंसा की घटनाएं हुईं। इन हिंसक घटनाओं में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई। जबकि 50 से ज्यादा घायल हो गए। मृतकों की संख्या ज्यादा भी हो सकती है।
सबसे ज्यादा हिंसा मुर्शिदाबाद जिले में हुई। नदिया, कूचबिहार, मालदा, बर्दवान, उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों में भी हिंसक घटनाओं में मौते हुईं। बड़े पैमाने पर हिंसक झड़पों, आगजनी, बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान की सैकड़ों शिकायतें सामने आई हैं। इस हिंसा ने 2018 के पंचायत चुनाव में हुई 10 मौतों के आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया है।
राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा, ‘मैं सुबह से फील्ड में हूं। लोगों ने मुझसे अनुरोध किया, रास्ते में मेरा काफिला रोका। उन्होंने मुझे अपने आसपास हो रही हत्याओं के बारे में बताया। गुंडों की ओर से रोके जाने की जानकारी दी।'
भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनाव में हिंसा का तांडव हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘ममता जी आप इस हिंसा के तांडव को कब रोकेंगी? भाजपा इस हिंसा की निंदा करती है। ममता जी आप बैलेट बॉक्स ले आईं। उन बैलेट बॉक्स को छीना। तालाब में फेंका। किसी में स्याही डाली जा रही है। ममता जी आपकी सरकार के लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता की परीक्षा हो रही है।’
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘यहां की स्थिति बहुत खराब और तनावपूर्ण है। राज्य में कानून-व्यवस्था बिल्कुल नहीं रह गई है। बंगाल अराजक स्थिति में बदलता जा रहा है।’
वहीं, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने विरोधी दलों पर ही आरोप लगाए। उन्होंने कहा, ‘हमें बदनाम करने के लिए भाजपा, सीपीएम और कांग्रेस पंचायत चुनाव को लेकर गलत बातें फैला रहे हैं।
बता दें कि राज्य के 20 जिलों में तीन स्तरीय चुनाव हुए। दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों में दो स्तरीय चुनाव हुए। चुनाव परिणाम 11 जुलाई को घोषित किए जाएंगे।


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