गुजरात के समुद्र तट से टकराएगा तूफान, 30 हजार लोगों को शेल्टर होम पहुंचाया

राहत और बचाव के लिए दल तैयार।

@ सुनो सुनो नेटवर्क |

अहमदाबाद | अरब सागर में उठा चक्रवाती तूफान बिपरजोय गुरुवार को गुजरात के समुद्र तट से टकराएगा। इसका असर तटवर्ती इलाकों में दिखना शुरू हो गया है। इस चक्रवाती तूफान को लेकर गुजरात और केंद्र सरकार ने काफी तैयारी की हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने इस तूफान के मद्देनजर गुजरात के मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन की एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक कर चुके हैं। गुजरात के तटीय क्षेत्रों सौराष्ट्र और कच्छ से अब तक सरकारी एजेंसियों ने 30 हजार से अधिक लोगों को शेल्टर होम्स में पहुंचा दिया है। अब भी लोगों को शेल्टर होम्स में भेजा जा रहा है।

मौसम एजेंसियों के अनुसार गुरुवार शाम तक इस तूफान के जाखो तट पर पहुंचने का अनुमान है। उस समय 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। माना जा रहा है कि जमीन पर पहुंचने के बाद हवा की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है।  तूफान का असर गुजरात के मांडवी कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, मोरबी, जूनागढ़ और राजकोट ज़िले में भी इस तूफ़ान का असर होगा। पाकिस्तान के कराची में भी असर पड़ेगा। 

चक्रवाती तूफान के कारण 20 सेंटीमीटर तक तेज बारिश हो सकती है। साथ ही समुद्र में छह मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। ये बारिश सौराष्ट्र के जिलों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात क्षेत्र तक हो सकती है। मौसम विभाग ने गिर नेशनल पार्क और सोमनाथ मंदिर समेत चर्चित जगहों की निगरानी करने की भी सलाह दी है।

चक्रवाती तूफान के मद्देनजर पश्चिम रेलवे ने 15 जून तक तकरीबन 95 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया है या उनकी दूरी कम कर दी है। इन ट्रेनों में बांद्रा टर्मिनस-भुज कच्छ एक्सप्रेस, पोरबंदर-दिल्ली सराय रोहिल्ला एक्सप्रेस और पोरबंदर-सिकंद्राबाद एक्सप्रेस आदि शामिल हैं। कांडला और जाखो समेत कच्छ की खाड़ी में बंदरगाहों को भी बंद कर दिया गया है। गुजरात स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ने कई रूटों पर अपनी सेवाएं रद्द कर दी हैं। वन विभाग ने बड़े पेड़ों को काट दिया है ताकि वे तूफान में उखड़कर नुकसान न पहुंचाएं।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो-दो टीमें तैनात की गई हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए सेना, वायुसेना, नौसेना और भारतीय कोस्ट गार्ड तैयार हैं। भारतीय कोस्ट गार्ड के उत्तर-पश्चिम क्षेत्रीय मुख्यालय ने ऑयल ड्रिलिंग शिप ‘की सिंगापुर’ से 50 लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया है। ये ड्रिलिंग शिप देवभूमि द्वारका से 25 मील दूर समुद्र में है। बिपरजोय के कारण खराब होते हालात के मद्देनजर कोस्ट गार्ड ने अपने एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर एमके-3 को लगाया है।

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