नई रेत नीति : आम लोगों की आड़ में सरकारी ठेकेदारों को भारी फायदा

प्रतीकात्मक चित्र।

@ सुनो सुनो रिपोर्ट |

रामटेक | महाराष्ट्र शासन के महसूल (राजस्व) विभाग ने वर्ष 2022-23 के लिए नागपुर जिले के रेत घाटों का टेंडर नोटिस जारी कर दिया है। इस बार घाटों से रेत उत्खनन, डिपो तक रेत परिवहन, डिपो निर्माण और इसके प्रबंधन के लिए एक ही टेंडर जारी किया गया है। इसी आधार पर प्रति मीट्रिक टन रेत का मूल्य तय किया गया है।

महाराष्ट्र शासन की नई नीति -2023 के तहत निविदा जारी की गई है। इस नीति के तहत आम आदमी को 600 रुपए प्रति ब्रास पर रेत उपलब्ध होगी। शिंदे सरकार की इस पॉलिसी का सबसे ज्यादा फायदा बिल्डरों और सरकारी ठेकेदारों को होगा। आम लोगों की तरह बिल्डर और सरकारी ठेकेदार भी 600 रुपए की दर से रेत हासिल कर सकेंगे। अभी यह नीति प्रायोगिक तत्व पर लाई गई है।

इस एकल टेंडर में रेत उत्खनन के साथ ही डिपो तक रेत परिवहन, डिपो निर्माण और इसके प्रबंधन को भी शामिल किया गया है। इससे सरकार को अतिरिक्त खर्च करना होगा, जिसका असर सरकारी तिजोरी पर पड़ेगा। जबकि पुरानी नीति- 2019 में सरकारी ठेकेदार टेंडर के लिए उच्चतम बोली लगाते थे। इससे सरकार को अधिक राजस्व प्राप्त होता था। अब ऐसा नहीं होगा। इस तरह नई नीति में विसंगति दिखती है।

पुरानी नीति- 2019 में कुछ संशोधन कर मार्च 2021 में नई रेत नीति लाई गई। इसके तहत तीन सालों 2020-21, 21-22 और 22-23 के लिए रेत घाटों की नीलामी हुई थी। इस अवधि को ध्यान में रखते हुए रेत के व्यवसायियों ने उच्चतम बोली बोलकर रेत घाट लीज पर लिए, लेकिन नीलामी वर्ष 2022 में जिलाधिकारी कार्यालय नागपुर को पर्यावरण अनुमति प्राप्त नहीं हो सकी। अब 2023 में नई रेत नीति आने से पुरानी रेत नीति रद्द कर दी गई है, जिससे स्थानीय व्यवसायियों का काफी नुकसान हुआ। 

नागपुर जिला : 39 रेत घाट, 11 डिपो, 3,10,748 ब्रास रेत उपलब्ध
- पारशिवनी में 11 रेत घाटों के लिए तीन डिपो। यहां 76,843 ब्रास रेत उपलब्ध रहेगी।
- सावनेर में 13 रेत घाटों के लिए तीन डिपो। यहां 1,03,006 ब्रास रेत उपलब्ध होगी।
- कामठी में 6 रेत घाटों के लिए तीन डिपो।  यहां 70,206 ब्रास रेत उपलब्ध होगी।
- मौदा में 9 रेत घाटों के लिए दो डिपो, जिसमें कुही तहसील का चिंचघाट रेत घाट का शामिल है।  यहां 60693 ब्रास रेत उपलब्ध होगी।

इस वर्ष भी पर्यावरण अनुमति लाने में सरकार ने काफी देर कर दी, जिसके कारण अब नए निविदा धारकों को डिपो संचालन करने के लिए 9 जून से पूर्व नदी से रेत उत्खनन कर डिपो पर लानी होगी। इसमें सिर्फ 30 दिन बाकी हैं। इतने कम समय में प्रशासन नदी से कैसे रेत निकाल सकेगा? क्या इससे नियमों की अनदेखी नहीं होगी? जिलाधिकारी कार्यालय, नागपुर ने पहले टेंडर भरने की आखिरी तारीख 3 मई 2023 रखी थी। इसे बढ़ाकर 9 मई 2023 कर दिया गया है।  बाजार सूत्रों का कहना है कि सत्ताधीशों के नजदीकी लोगों के दबाव में टेंडर की तारीख बढ़ाई गई है, ताकि वे रेत घाट के संचालन का ठेका प्राप्त कर सकें।

पुरानी नीति में सभी रेत घाटों की खुली नीलामी की जाती थी। उच्चतम बोली बोलकर व्यवसायी रेत खरीदते थे और जो रेत घाट नीलामी प्रक्रिया में नहीं बिकते थे, उसे अपसेट प्राइज में सरकारी काम के लिए आरक्षित किया जाता था। परंतु नई नीति में सीधे सरकारी ठेकेदारों के लिए 600 रुपए ब्रास में रेत घाट आरक्षित किया जा रहा है। पारशिवनी का ऐसंबा रेत घाट 3361 ब्रास का है, जो कि 5 मई 2023 को जिला खनिकर्म अधिकारी श्री ओ. भोंड के आदेश से कार्यकारी अभियंता, पेंच पाटबंधारे विभाग, वैनगंगा नगर, अजनी, नागपुर के नाम से आरक्षित किया गया है। लेकिन इसका फायदा सिंचाई क्षेत्र में नहर का काम करने वाले ठेकेदार को होगा, जिसका कार्य सत्ताधीश से संबंधित राजकीय व्यक्ति कर रहे हैं। 

95 प्रतिशत बिल्डरों और ठेकेदारों को फायदा : गज्जू यादव

उदयसिंह उर्फ गज्जू यादव (फाइल फोटो)

कांग्रेस नेता एवं पंचायत समिति, रामटेक के पूर्व उपसभापति उदयसिंह उर्फ गज्जू यादव का कहना है कि नई नीति में 95 प्रतिशत बिल्डरों और ठेकेदारों को बड़े पैमाने पर फायदा होगा। जबकि आम जनता के हिस्से में 5 प्रतिशत ही आएगा। सफेदपोश लोगों ने आम जनता के नाम पर नई नीति-2023 की आड़ में अपने करीबियों को फायदा पहुंचाने की साजिश रच दी है। गरीब लोगों को घरकुल के निर्माण के लिए नाले की पांच ब्रास अशुद्ध रेत उपलब्ध कराई गई थी। उस रॉयल्टी की आड़ में एक रॉयल्टी पर दसों खेप की चोरी हुई। आम जनता को इस नई रेत नीति में घर निर्माणकार्य के लिए 25 मीट्रिक टन रेत ही उपलब्ध होगी। उसे अतिरिक्त रेत एक महीने बाद ही उपलब्ध हो सकेगी। लेकिन बड़े बिल्डर और ठेकेदार एक समय में ही बड़ी मात्रा में रेत उठा सकेंगे। सरकारी खजाने को चूना लगाकर वाहवाही बटोरने के लिए शिंदे सरकार की यह नई नीति आम जनता के नाम पर चुनावी झुनझुना है, जिसका फायदा सत्ताधीशों के करीबी लोगों को होगा।

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