पांच वर्षों के दौरान घरेलू कोयले का उत्पादन 22.6% बढ़ा, सीआईएल में कितना...
@ सुनो सुनो रिपोर्ट |
नई दिल्ली | पिछले पांच वर्षों के दौरान देश में घरेलू कोयले का उत्पादन 22.6 प्रतिशत बढ़ा। वित्त वर्ष 2022-23 में 893.08 मिलियन टन उत्पादन दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2018-2019 में यह 728.72 मिलियन टन दर्ज किया गया था। पीआईबी ने यह जानकारी दी।
देश में अमूमन हर पांच साल में कोयला उत्पादन के आंकड़े जारी किए जाते हैं। पीआईबी के अनुसार घरेलू कोयला उत्पादन बढ़ाना कोयला मंत्रालय की प्राथमिकता है। इससे कोयले के आयात पर निर्भरता कम होगी। वर्ष 2022-23 में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का उत्पादन 703.21 मिलियन टन दर्ज किया गया। यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2018-2019 में 606.89 मिलियन टन था। यानी पांच साल में 15.9 प्रतिशत वृद्धि हुई।
एससीसीएल का वित्त वर्ष 2018-19 में उत्पादन आंकड़ा 64.40 मिलियन टन दर्ज किया गया था। पांच साल में इसमें 4.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में 67.14 मिलियन टन उत्पादन दर्ज किया गया। कैप्टिव और अन्य खदानों ने भी 113.7 प्रतिशत की वृद्धि की। यहां वित्त वर्ष 2022-23 में 122.72 मिलियन टन उत्पादन दर्ज किया गया। जबकि 2018-19 में यह आंकड़ा 57.43 मिलियन टन था।
कोयला मंत्रालय ने उत्पादन में तेजी लाने के कई उपाय शुरू किए हैं। इसका उद्देश्य सभी क्षेत्रों की मांग पूरा करना और ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करना है। मंत्रालय का कहना है कि कोयला उत्पादन में असाधारण वृद्धि ने देश की ऊर्जा सुरक्षा का मार्ग प्रशस्त किया है। वित्त वर्ष 2023- 2024 के लिए निर्धारित वार्षिक कोयला उत्पादन का लक्ष्य 1012 मिलियन टन है।
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