रामटेक : बाघ की दहशत के बीच रात को नाहबी पहुंचे गज्जू यादव, ग्रामीणों से समस्या पर चर्चा की
@ सुनो सुनो रिपोर्ट |
नागपुर की रामटेक तहसील के नाहबी (महाराजपुर) गांव में बाघ की दहशत जारी है। इस माहौल में पंचायत समिति, रामटेक के पूर्व उपसभापति उदयसिंह उर्फ गज्जू यादव नाहबी पहुंचे। उन्होंने रविवार रात को नाहबी में रुककर ग्रामीणों से बाघ की समस्या को लेकर चर्चा की। ग्रामीणों के आग्रह पर गज्जू यादव दस दिन में दूसरी बार नाहबी पहुंचे थे।
ग्रामीणों ने गज्जू यादव से कहा कि किसान भयभीत हैं। खेत में फसल खड़ी है। लेकिन बाघ की दहशत के कारण वे फसल नहीं काट सकते। खेतिहर मजदूर, किसान खेतों में काम करने के लिए नहीं जा पा रहे हैं। विद्यार्थी भी स्कूल जाने से डर रहे हैं। इस पर गज्जू यादव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक नाना पटोले को गंभीरता से समस्या के बारे में बताया। उन्होंने फोन स्पीकर पर ग्रामीणों की बात पटोले से कराई। पटोले ने तत्काल जिला उप वनसंरक्षक भारतसिंह हाड़ा को फोन किया। उन्हें समस्या को लेकर उपाययोजना करने को कहा। सुबह होते ही वनविभाग संपूर्ण दलबल के साथ नाहबी पहुंच गया। यादव ने वनविभाग को निवेदन द्वारा समस्या को लेकर उपाययोजना पर तुरंत अमल करने की चेतावनी दी है । इस समय देवा कुंभरे, केशव चांपुरकर, दादुलाल राहंगडाले, कांतिलाल पटले, मुरलीधर राहंगडाले, सुभाष पटले, रणवीर यादव, अमित सिंह, सानू शेख आदि उपस्थित थे।
गज्जू यादव ने नाहबी (महाराजपुर) में बाघ की समस्या को लेकर सोमवार को जिला उप मुख्य वनसंरक्षक को निवेदन-पत्र भी दिया। इसमें नरभक्षी बाघ को पकड़ने के लिए उपाययोजना करने का अनुरोध किया गया है। पत्र में कहा गया है कि नाहबी (महाराजपुर) में 5 नवंबर 2022 को बाघ के हमले में स्थानीय ग्रामीण नंदू लक्ष्मण सलैया (67) की मृत्यु हो गई थी। मुसेवाड़ी मंडल क्षेत्र में पिछले 25 साल में इस तरह की यह पहली घटना है। इससे परिसर के लोग, विशेषकर किसान, खेतिहर मजदूर और स्कूल के विद्यार्थी डरे हुए हैं। किसान खेतों में जाने से घबरा रहे हैं। धान और कपास की फसल को नुकसान हो रहा है। खेतिहर मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा है। स्कूली विद्यार्थी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
पत्र में यह भी कहा गया है कि इस घटना के पहले से ही परिसर में बाघ के घूमने की चर्चा रही है। रविवार 13 नवंबर 2022 को महाराजपुर के बालक रामचंद्र कुंभरे के खेत में भी बाघ ने गाय पर हमला कर दिया था। किसानों की चीख-पुकार के कारण बाघ भाग गया। इस परिसर में ज्यादातर गरीब, मजदूर और अल्प भूधारक किसान रहते हैं। विभाग से निवेदन है कि वह फसल काटने के लिए किसानों और खेतिहर मजदूरों को सुरक्षा प्रदान करे। उनके लिए वनरक्षक तैनात करे। साथ ही विद्यार्थियों को वनविभाग की गाड़ी से स्कूल पहुंचाया जाए। यह भी सुनिश्चित हो कि भविष्य में परिसर में बाघ के हमले की दुर्देवी घटना न हो। मानव और वन्यजीव संघर्ष टालने के लिए तत्काल उपाय किए जाएं। पत्र की प्रतिलिपि विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले, विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले और वन परिक्षेत्र अधिकारी, रामटेक को भी दी गई है।
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