आवरण कथा : फडणवीस ने क्या कह दिया कि राणा ने कडू से माफी मांगी

बच्चू कडू, देवेंद्र फडणवीस, रवि राणा (फाइल फोटो)

सुनो सुनो नेटवर्क | 

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दो निर्दलीय विधायकों बच्चू कडू और रवि राणा के बीच हुए विवाद पर अहम बयान दिया है। फडणवीस ने सोमवार को मीडिया से कहा, 'मैंने निर्दलीय विधायक बच्चू कडू से जून में कहा था कि वे शिवसेना से विद्राेह करने वाले एकनाथ शिंदे गुट का समर्थन करें। कडू मुझसे बात करने के बाद शिंदे के साथ गुवाहाटी गए थे। मैंने उन्हें फोन पर कहा था कि हमें आपका समर्थन और नई सरकार बनाने में भागीदारी चाहिए। इसलिए कडू वहां जाकर शिंदे गुट में शामिल हुए। 

फडणवीस के बयान के बाद राणा ने कडू से माफी मांग ली है। राणा ने कहा, 'फडणवीस हमारे नेता हैं। उनका आदेश हमारे लिए महत्वपूर्ण है। फडणवीस अनेक बाधाओं के दौरान रास्ता निकाल लेते हैं। इस मामले में भी उन्होंने रास्ता निकाल लिया। उनके आदेश के बाद मैं उन नेताओं से माफी मांगता हूं, जिनका दिल दुखाया है। मेरे मुख से कुछ शब्द निकल गए थे, जिनसे कडू और अन्य विधायकों का मन आहत हुआ था।'

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राणा ने आरोप लगाया था कि कडू ने शिंदे गुट का समर्थन करने के लिए रिश्वत ली थी। इस पर कडू ने राणा को आरोपों का सबूत पेश करने या माफी मांगने को कहा था। कडू ने यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री शिंदे और उपमुख्यमंत्री फडणवीस बताएं कि गुवाहाटी गए विधायकों को पैसे दिए गए थे, या नहीं। कडू ने यह भी कहा था कि राणा के आरोपों से उनकी मानहानि हुई है। अगर इस मुद्दे का कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकला तो उन्हें मजबूरन कोई बड़ा कदम उठाना पड़ेगा। उन्होंने यह भी दावा किया था कि सात से आठ विधायक उनके संपर्क में हैं। इस सिलसिले में राणा रविवार को मुंबई पहुंचे थे।

बच्चू कडू प्रहार जनशक्ति पार्टी के प्रमुख भी हैं। 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में प्रहार जनशक्ति पार्टी के समर्थन वाले दो निर्दलीय विधायक हैं। शिंदे गुट के पास शिवसेना के 39 बागी विधायकों के साथ ही कुछ निर्दलीयों और छोटे दलों के विधायकों का समर्थन हासिल है। भाजपा के सदन में 106 विधायक हैं।

इस साल जून में शिंदे की अगुआई में शिवसेना नेतृत्व के खिलाफ बगावत की गई थी। इससे तत्कालीन उद्धव ठाकरे नीत महाविकास आघाडी सरकार गिर गई थी। कडू उस सरकार में मंत्री थे। शिंदे गुट ने बाद में भाजपा के समर्थन से सरकार बना ली थी। शिंदे ने मुख्यमंत्री एवं फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

राणा अमरावती जिले के वडनेरा और कडू अचलपुर सीट से निर्दलीय विधायक हैं। दोनों शिंदे-फडणवीस सरकार का समर्थन कर रहे हैं। फडणवीस और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील समेत पार्टी के आला नेता कहते रहे हैं कि उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना में आंतरिक घमासान के कारण विद्रोह हुआ था। भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं है। 

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