नागपुर : टेकाड़ी कोयला खदान प्रकल्प बाधितों ने गज्जू यादव के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को सौंपा मांगों का निवेदन

@ सुनो सुनो रिपोर्ट |

नागपुर की पारशिवनी तहसील के कन्हान पुलिस स्टेशन के सामने टेकाड़ी कोयला खदान प्रकल्प बाधित (विस्थापित) स्थानीय निवासी एकजुट हुए। उन्होंने पंचायत समिति, रामटेक के पूर्व उपसभापति उदयसिंंह उर्फ गज्जू यादव के नेतृत्व में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, विधायक एवं प्रदेश भाजपाध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले को विभिन्न मांगों का निवेदन सौंपा। गडकरी और बावनकुले कन्हान नदी के नए पुल के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे।

निवेदन में दर्ज प्रमुख मांगें और सवाल -

1) WCL खदान परिसर में लोगों के स्वनिर्मित निजी मकानों का मूल्यांकन सार्वजनिक निर्माण विभाग करे। मूल्यांकन के अनुसार प्रकल्प बाधितों को उचित मुआवजा दिया जाए।

2) WCL खदान परिसर में 2001 के बाद कई लोगों ने स्वनिर्मित िनजी मकान मुआवजा प्राप्त किए बिना छोड़ दिया था। उन्हें WCL प्रशासन ने उत्पादन कार्य के कारण जगह छोड़ने को कहा था। ये प्रकल्प बाधित परिवार WCL के क्वार्टर में रहने चले गए थे। इन सभी परिवारों को WCL प्रशासन उनके निजी मकानों का मुआवजा और आज की स्थिति के हिसाब से प्रोत्साहन राशि प्रदान करे। 

3) केंद्र सरकार की अनुमति के बिना WCL प्रशासन, महाराष्ट्र सरकार ग्राम पंचायत टेकाड़ी (कोयला खदान), वन विभाग तथा MIDC के 7/12 पर प्रकल्प बाधितों की मिल्कियत वाली जगह का उपयोग कर रहे हैं। WCL प्रशासन यह माइनिंग जोन क्षेत्र खरीद कर प्रकल्प प्रभावितों को दे। इससे बेघर लोगों को ग्राम पंचायत और तहसीलदार से मान्यता लेकर गावठान में प्लाट उपलब्ध कराएं जा सकेंगे।

4) केंद्रीय वन, पर्यावरण विभाग की अनुमति से WCL प्रशासन के लिए नियम व शर्तें लागू की गई थीं। इन नियमों का WCL प्रशासन ने अनुपालन किया है, या नहीं, इस संदर्भ में समीक्षा सभा स्थानीय लोगों तथा WCL प्रकल्प बाधित किसानों की उपस्थिति में आयोजित की जाए।

5) वर्ष 2001 में WCL ने खदान नंबर-3 के अंतर्गत 1 नंबर टेकड़ा बस्ती का पुनर्वसन कांद्री ग्राम पंचायत के तहत कराया था। अब उस बस्ती का नाम शिवनगर है। वहां के रहवासियों को वहां का मालिकाना हक मिल गया है। साल 2001 में वेकोलि ने उस जगह का पुनर्वसन कराया था, तो अब बाकी बची हुई बस्ती का पुनर्वसन क्यों नहीं कराया जा रहा है?

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पूर्व विधायक डी. मल्लिकार्जुन रेड्डी की उपस्थिति में माननीयों को निवेदन सौंपा गया। शिष्टमंडल में टेकाड़ी की सरपंच सुनीता मेश्राम, त्रिलोक सिंह, अख्तर हसन, कमल पूरी, धर्मेंद्र सिंह, रणधीर सिंह, इंद्रजीत मिश्रा, नीरज सिंह, अरुण सिंह, मुन्नू सिंह, भरत कुशवाहा, विक्रम सिंह, भगवंत निषाद, जितेंद्र चव्हाण, त्रिभुवन सिंह, अरुण सूर्यवंशी, दुर्गाबाई राजपूत, रणवीर यादव, प्रशांत किम्मतकर, पिंटू नंदनवार, अतुल दानव, देवा मेहरकुले, गोलू कश्यप, मोहन भगत, संजीव सिंह, उमेश यादव, शिवगोपाल प्रजापति, बालाशंकर मिश्रा, किसन सिंह, मुन्ना यादव, इंद्रजीत मिश्रा, दिलीप सिंह, रजनीश सिंह, राकेश कैथवाटी, मोहन वारकड़े, दशरथ वारकड़े, रवि श्रीनिवास, बबलू सिंह, विक्रम चंदेल सिंह, शिवजी सिंह, मनीष सिंह, अरविंद ओझा, राजन कुशवाहा, भारत कुशवाहा, शाहिद अंसारी, रामाशीष पासवान, रामबचन पासवान, रतन पासवान, शिवबचन पासवान, अमित, राहुल, प्रमोद प्रजापति, मंटू सिंह, मोहन सिंह, नसीम खान, सूरज मिश्रा, अभिनव चौधरी आदि उपस्थित थे।

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इनकी भी रही उपस्थिति : 4 नंबर दफाई से - छेदूराम, सीताराम, उदय, लक्ष्मीबाई, आशाबाई, मोमिनपुरा से- जफरुद्दीन, नबी भाई, रईस जफरुद्दीन, गुफरान सिद्दीकी, हवामहल से- यूसुफ खान, हनीफ मोहम्मद, बुद्धु भाई, रामेश्वर, लवकेश गुप्ता, शाहिद अंसारी, उमेश सिंह, मनोज यादव, रवि गिरि, संतोष सिंह, रघुपत सिंह, मनोज पात्री, टीपू गुप्ता, रामनारायण गुप्ता, 6 व 7 नंबर दफाई से- अभिजीत राजपुर, जसपाल सिंह जंबे, ओमप्रकाश यादव, इस्माइल शाह, अतिक शाह, गाजीब, विजय तिवारी, मनीष सिंह, अनिल सिंह, साेनू शाह, अमीनुद्दीन शाह उपस्थित थे। इनके अलावा संतोष ठाकुर, सुरेंद्र इंगले, सरवन सिंह, मनोज, प्रभु भारद्वाज, शत्रुघ्न राय, उपेंद्र तिवारी, नवल सिंह, अदालत राजभर, उमेश काले, मोहन लाहोरिया, नीलू बावने, सूरज कश्यप, अशोक प्रसाद, रॉकी संतापे, अखिलेश राय, गुलाब ढोले, सिद्धार्थ कामले, धिदनी, चांद, अशोक रंगारी अादि की भी मौजूदगी रही।

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