नागपुर : बदमाशों ने स्कूल के हेडमास्टर का अपहरण कर 30 लाख की फिरौती मांगी, जानिए- 20 घंटे बाद कैसे छोड़ा
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| मीडिया से बात करते हुए पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार। |
सुनो सुनो रिपोर्ट |
नागपुर शहर में कुछ अज्ञात बदमाशों ने एक स्कूल के हेडमास्टर का अपहरण कर लिया। बदमाशों ने उनकी रिहाई के लिए 30 लाख रुपए की फिरौती मांगी। पुलिस ने बदमाशों को चेतावनी दी तो उन्होंने हेडमास्टर को छोड़ दिया। हेडमास्टर अपहरण के करीब 20 घंटे बाद खुद पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों के मुताबिक जरीपटका स्थित महात्मा गांधी प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर प्रदीप मोतीरामानी (50) का बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। मोतीरामानी शुक्रवार की रात अपने दुपहिया वाहन से घर से निकले थे। देर रात तक जब वे घर नहीं लौटे तो उनकी बेटी ने उनके मोबाइल फोन पर संपर्क किया। फोन कॉल एक बदमाश ने उठाया। उसने मोतीरामानी की रिहाई के लिए 30 लाख रुपए की फिरौती मांगी।
शनिवार सुबह हेडमास्टर के परिवार के सदस्य जरीपटका थाने पहुंचे। थाने में मामला दर्ज किया गया है। परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी कि फिरौती की कॉल के बाद बदमाशों का मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो जाता है। पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को पकड़ने के लिए कई टीम गठित की।
पुलिस को पता चला कि मानकापुर के एक अस्पताल के सामने मोतीरामानी का दोपहिया वाहन खड़ा है। पुलिस ने मोबाइल फोन की लोकेशन का भी पता लगाया। यह नागपुर शहर से करीब 40 किमी दूर मौदा क्षेत्र को दर्शा रही थी। तभी पुलिस का फोन बदमाशों को लगा और बातचीत हो सकी। पुलिस ने बदमाशों को चेतावनी दी कि अगर मोतीरामानी को नहीं छोड़ा तो गंभीर नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहें। बातचीत के कुछ घंटे बाद मोतीरामानी खुद जरीपटका पुलिस स्टेशन पहुंचे।
घटना के बाद जरीपटका क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। स्थानीय भाजपा और कांग्रेस नेता भी जरीपटका थाने में जमा हो गए थे। नागपुर के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने हेडमास्टर के लौटने की पुष्टि की। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों में महिलाएं भी हैं। बदमाशों ने परिजनों को धमकी दी थी कि अगर 30 लाख रुपए फिरौती की रकम नहीं दी तो वे हेडमास्टर की लाश भेजेंगे। आरोपियों को अभी नहीं पकड़ा जा सका है। आरोपियों के खिलाफ हत्या, प्रताड़ना और हत्या की धमकी के आरोपों की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
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